
कुल्लू। जिला कुल्लू प्राध्यापक संघ अवकाश के दिन भी स्कूल बुलाने से खफा है। संघ ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की रणनीति को भेदभाव पूर्ण बताया है। इस संबंध में हिमाचल प्रदेश प्रवक्ता संघ जिला कुल्लू का एक प्रतिनिधिमंडल संघ के प्रधान भीम कटोच की अध्यक्षता में मंगलवार को डीसी कुल्लू शरभ नेगी और शिक्षा उपनिदेशक उच्च जगदीश चंद से मिला। संघ के प्रेस सचिव समीर ने बताया कि हाल के दिनों में प्रशासन ने खराब मौसम के चलते स्कूली बच्चों को अवकाश दिया, मगर अध्यापकों को स्कूलों में आने पर विवश किया। इससे प्राध्यापक संघ में रोष है। उन्होंने बताया कि यह अवकाश कुल्लू जिला के अलावा, मंडी, किन्नौर, शिमला, चंबा आदि अन्य जिला में भी दिया गया, परंतु वहां अध्यापकों को स्कूल में हर हालत पहुंचने की कोई शर्त प्रशासन नहीं रखी थी। उन्होंने बताया कि जिला कुल्लू के अध्यापकों के साथ ऐसा व्यवहार न्यायपूर्ण नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रशासनिक आदेशों की अनुपालना करते समय सभी जिला में सामान मापदंड रखने की मांग की है। जिला प्रधान भीम कटोच ने बताया कि तीन राजपत्रित अवकाश राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, राष्ट्रीय मतदाता दिवस और गणतंत्र दिवस के दौरान स्कूलों में नियमित दिनों की तरह काम करने के बदले कैलेंडर वर्ष में तीन क्षतिपूरक अवकाश प्रदान किए जाएं। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों के द्वारा 4-9-14 के केस उपनिदेशक के कार्यालय में अभी तक नहीं भेजे गए हैं। इस कारण प्राध्यापकों को वित्तीय लाभों से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने जल्द केस को उपनिदेशक कार्यालय में भेजने की मांग की है। इस मौके पर जिला कुल्लू इकाई के सचिव धीरज सागर, जीत, गोपी चंद डोगरा, निरंजन शर्मा, पदन ठाकुर, विशाल सावल, पवन ठाकुर, बलराम आचार्य, जय सिंह ठाकुर, जानकी दास, नवीन ठाकुर, नैन प्रकाश, नरेंद्र पाल, ललित मोहन, अजय कंबोज, मोहन लाल व रमन जैन सहित अन्य प्रवक्ता भी मौजूद रहे।
